बंद बोतल का भूत Bhoot Pret Ki Sachi Darawni Kahaniya

बंद बोतल का भूत Bhoot Pret Ki Sachi Darawni Kahaniya
बंद बोतल का भूत Bhoot Pret Ki Sachi Darawni Kahaniya


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यह कहानी आठ सौ साल पहले की है जब अंग्रेज भारत पर राज किया करते थे दक्षिण भारत एक छोटे से गांव में एक तांत्रिक परिवार रहता था जिसमें तीन लोग थे।

वीरभद्र उसकी पत्नी रेणुका और उसकी बेटी दक्षिणी दक्षिणी की सुंदरता विलक्षण थी वह थी तो दक्षिण भारत से पर दूध की तरह गोरी थी बड़ी-बड़ी आंखें और उन्हें काजल दक्षिणी की सुंदरता को बढ़ावा करता था।

इस समय हर गांव वाले को अंग्रेजों को लगा देना पड़ता था कोई पैसे देता तो कोई अनाज दक्षिणी का परिवार तांत्रिक क्रिया करता था उनके पास खेत था और ना ही कमाने का और कोई जरिया उनका घर लोगों की दी गई।

जिससे चलता था दक्षिणी अपने बाबा से तांत्रिक क्रियाओं सीधा करती थी दोनों मां बेटी साथ में साधना में लीन रहते थे मैं क्या करूं इस बेटी का अरे दक्षिणी सुबह से शाम हो गई।

तूने अब तक घर का एक भी काम नहीं किया अब क्या मुझे ही सारा काम करना पड़ेगा शुरू हो गई तुम्हारी क्रिकेट वह साधना कर रही है तुम थोड़ी देर चुप नहीं रह सकती क्या स्वभाव से मैं चुप ही हूं।

समय देखो शाम होने वाली है तभी दक्षिणी भी अपनी साधना से उठ गई मां समय का पता ही नहीं चला मैं अभी घर का सारा काम करती हूं।

तुम्हारा काम खत्म फिर मैं तुम्हें भूतों का सामना करना है कि दक्षिणी ने अपने घर की सफाई की मां के साथ खाना बनाया और फिर वह अपने बाबा के कमरे में गई।

भूत और पिशाच और से काबू पाना आसान है तो हिम्मत चाहिए और वह तुम्हारे गुलाम बन जाएंगे हम जाएंगे तो उनका हथियार है।

वह उन्हें डरा-धमका पर अगर तुम भी टस से मस हुई तो उनके पास कोई जरिया नहीं तुम्हारी गुलामी करने के अलावा अब मैं इस कमरे में छोड़ रहा हूं।

उस पर काबू पाने में और वीरभद्र ने एक बोतल से भूत को किया है तथा आथ कि दक्षिणी धरना नहीं मैं भूत दक्षिणी के आसपास घूमने लगा जोर-जोर से हवाएं चलने लगी और आसपास का सारा सामान जमीन पर गिरने लगा।

दो आज तक कि मैं यहां वहां देख रही थी तभी गुय दक्षिणी के बाल का एक सिरा उठाया और हवा में उड़ाने लगा मेरे बाल इतने पसंद गई।

क्या तुम्हें भूत में बाल नीचे रखती है क्वेश्चन को खत्म हो गई है तो यहां भूत और जोर-जोर से चीजें पटकने लगा सुनाओ यहां और सब एक साथ शांत हो गया।

वीरभद्र कि देख मेरे सामने दक्षिणी के सामने बैठ गया और तुरंत वीर बदले उसे बोतल में कैद कर लिया जब वे पहली बार में कोई का सामना नहीं कर सकता और तुम ने कर दिखाया तो मेरी बेटी हो कि वीरभद्र दक्षिणी के से बहुत खुश था कि उसने अपनी पत्नी को भी बताया।

अब क्या यह भी कुतों से खेले जी रोड इतना साहस आम नहीं है यह मेरी बेटी और यह मेरे परिवार की तांत्रिक परंपरा आगे बढ़ाएगी कि दक्षिणी खुश थी कि वह अपने परिवार की परंपरा आगे बढ़ाएगी।

वीरभद्र ने दक्षिणी का तांत्रिक प्रशिक्षण जारी रखा पूर्व-दक्षिण को किसी ना किसी भूत पिशाच के बारे में सिखाया करता था कि अब वर्ष बीत चुके थे और दक्षिणी ने बहुत सारे भूतों पर काबू कर लिया था।

अब उसके पास भी कई बोतलें थी जिसमें भूत रहते थे एक दिन दक्षिणी गांव के कुएं से पानी लेने गई और यही एक अंग्रेज अफसर हेनरी की नजर उस पर पड़ी कि खजूर क्या कमाल की लड़की है।

साउथ इंडिया में ऐसा ब्यूटी हवलदार ढूंढ कौन है आज भी लड़की दक्षिणी हैं यह एक तांत्रिक परिवार से है को चेक बचत वही जो घोषित वोट से बातें करते हैं ना जिस पर इसकी परिवार वाले थोड़े अलग है।

यह बूटों को अपना गुलाम बनाते हैं और सुना है यह लड़की अपने परिवार की परंपरा आगे बढ़ाने वाली है मतलब यह भी भूतों से बात करती है।

जी सर आई डोंट बिलीव यू बट मुझे बोला कि चाहिए उसके घर जाते हैं है हवलदार अंग्रेज अफसर को दक्षिण के घर ले गया तो हम लोग कई सालों से लगा नहीं दिया।

उन सवालों का लगा देना होगा हमारी सब्सक्राइब हम कहां चले गए कुल मिलाकर सरकार हमारे पास इतने पैसे नहीं है आप सोचो अपनी बेटी को हमारे साथ बेस्ट तो यह नहीं हो सकता सरकार जो लगा।

भैरव जी बात सुनकर दक्षिणी आगे आई हैं कि मैं तुम्हारे साथ चलने को तैयार हूं लेकिन मेरी एक शर्त रखी यह शर्त तुम्हें मेरे साथ मेरे कमरे में सिर्फ आधा घंटा रहना होगा।

अगर तुम रह पाए तो मैं तुम्हारे साथ चलूंगी अगर तुम नहीं रह पाए तो कभी इस गांव की ओर तक नहीं आना तरफ कि वीरभद्र अपनी बेटी का सहज समझ गया था।

हवलदार ने वीरभद्र की हंसी देखी और फिर अंग्रेज के पास गया था हां सर यह खतरनाक हो सकता है क्या खतरनाक हाइड्रोस्फीयर घोस्ट घोस्ट होते ही नहीं है।

उससे यह अनपढ़ हिंदुस्तान इधर सकते हैं मुझ जैसे पढ़े लिखे अंग्रेज नहीं भी सुनिए अंग्रेजों ने हवलदार की नहीं सुनी और वह दक्षिण के इच्छुक कमरे में चलो।

चार हवलदार वहीं सोचता खड़ा रह गया कि दक्षिणी ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया कि इन सभी जल से ही तुम लोगों को डराते हो ना इसमें इतने कलर क्यों भरे हैं।

किसी में आधे हिस्से में ब्लू ग्रीन कलर से भी रहते हो कोई भी बोतल खोल दो हां मैं भी यही सोच रहा था बट मैं एक नहीं सब खोलूंगा कि दक्षिणी मुस्कुराई और अंग्रेज ले एक-एक करके तीन बोतलें खोल दो।

बेटा था कि लैब चुप अंग्रेज पीछे मुड़ा तो तीन भूतों को देखकर डर गया है वो तीनों भूतं लिए के आगे-पीछे घूमने लगे अंग्रेज पसीना-पसीना हो गया।

जैसे ही वह बहुत आगे बढ़ने लगे तो अंग्रेज चिल्लाने लगा है बुड्ढा बुड्ढा हाउ आर यू हुआ है अब कोई नहीं आएगा तुम्हें बचाने यह मेरे अलार्म है।

सिर्फ मेरी बात मानते हैं और फिर एक दूध में अंग्रेज को हवा में उल्टा लटकाकर पट गया और गिरने तीन धीमी तुम्हें चाहिए और फिर तीनों भूतों ने अंग्रेजों को दीवार से लटका दिया।

दक्षिण मुझे खुश रहिए फॉरगिव में आई एम सॉरी एम लक्ष्मी ने कुछ मंत्र पढ़े और वह तीनों अपने-अपने बोतल में चले गए और बोतल पेट कि दक्षिणी हंसते हुए कमरे से बाहर गई थी।

मैं अपने अंग्रेज को ले जाओ और कभी इस गांव के आसपास भी मत देखना हवलदार भागता हुआ अंदर गया और जख्मी अंग्रेज को अपने साथ ले जाने लगा अंग्रेज की पूरी अकड़ मिट्टी में मिल गई थी और वीरभद्र का अपनी बेटी पर नाज बढ़ गया।


पुरानी हवेली का भूत | डरावनी कहानियाँ Bhoot Pret Ki Sachi Darawni Kahaniya Bhootiya Kahaniya | Horror Stories | Hindi Stories | Hindi Kahaniya


सपनों के शहर मुंबई में बहुत लोग अपनी किस्मत आजमाने आते हैं बहुत कम लोग होते हैं जो अपने सपनों को जीते जाते हैं बाकी के सभी सिर्फ स्ट्रगल करते रह जाते हैं हैं इन्हीं में से एक है।

मानिक मानिक अपना गांव छोड़कर सालों पहले मुंबई आया था एक्टर बनने लेकिन उसकी किस्मत बड़ा हॉट कॉफी कॉफी कॉफी विद आइसक्रीम बेचते और अब कि चाय-कॉफी पिलाता है।

छुट्टी की जिंदगी सिर्फ दिखने में ग्लैमरस होती है असल जिंदगी में यह बहुत ही अलग है मानिक दिन में 12 से 14 घंटों तक काम करना पड़ता था सुबह सूरज उगने से पहले वह अपने घर से निकल जाया करता था और आधी रात को ही घर वापस लौट।

इतनी मेहनत के बावजूद मानिक खुश था कि उसे अभिलाषा थी कि वह एक एक दिन एक्टर जरूर बनेगा एक सपना जो माणिक बार-बार देखता था कि उसे बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिल रहा है।

रिपोर्टर्स उसकी फोटो खींच रहे हैं कि यही वह सपना था जो मानिक को मोटिवेट करता था ना कि एक दिन की बात है बड़े पैमाने पर कल तुम सुबह 6:00 पुरानी हवेली पर पहुंच जाना है।

वैसे तो शिफ्ट 9:00 बजे की है क्योंकि पुरानी हवेली का सेट बहुत दूर और वीरान है कि तुम जल्दी पहुंच कर सारा इंतजाम कर देना चाहो तो दूसरे स्पॉट बॉय इसको भी जल्दी बुला लो ठीक है।

सर जी कि माणिक अपनी दोस्त स्पॉट ब्वाय के पास गया राजा का पुरानी हवेली पर छूट है 6:00 आना पड़ेगा अरे यार मैं कैसे पाऊंगा क्यों क्यों क्या हुआ कर छोटू की क्लास टीचर ने बुलाया है।

उसने फिर कुश कांड कर दिया स्कूल में 7:00 सुबह बुलाया है मुझे पुरानी हवेली पहुंचते-पहुंचते आवाज जाएंगे चल ठीक है मतलब मुझे अकेले जल्दी पहुंचकर सब संभालना होगा।

भाई इस बार संभाल लें प्लीज हां और कर भी क्या सकता हूं कि रूस की तरह आधी रात को मानिक अपनी झोंपड़ी में पहुंचा अब सुबह 4:00 बजे का अलार्म लगाना होगा।

वरना मैं पहुंचने से रहा है कि सुपर से राजा भी लेट आने वाला है यानि कि अपने फोन पर चार बजे का अलार्म लगा दिया और वह सो गया कल सुबह अलार्म की आवाज से वह उठा और जल्दी जल्दी तैयार हो गया।

कल सुबह की 4:00 बजे थे सा रास्ता विरान था अकेला माणिक उस रास्ते पर चल रहा था कि मानिए कोई डरावनी लोमड़ी की आवाज सुनाई दे वाइब्रेट कि यह कुत्ता है।

लोग ही मानी तरह सहमत चल रहा था कि वह पुरानी हवेली के नजदीक पहुंच गया कम से कम और फिफत्व दे रहे थे।

लेकिन अचानक उस हवेली पर बिजली चमकने लगी थी कि बिजली की कड़कड़ाहट शंकर माणिक डर गया डुबो है कि अब इधर जाऊं या नहीं जाऊं।

कुछ देर माणिक सोच रहा था के अंदर तो जाना ही पड़ेगा वरना देर हो जाएगी कि जैसे ही माणिक ने पुरानी हवेली में कदम रखा 123 हो गई।

यह ट्रक कि तूफान आने वाला है क्या और ऐसे फसल खराब होने लगी और तो फ्रेंड मानिए के सामने एक काला साया था कि कॉलिंग कौन है।

वह काला साया यहां वहां घूमने लगा हुं कि भय कि माणिक की चीख सुनकर पूसा या रुक गया करो आप कौन हो तुम झाल ही और गुस्सा आया कहां है खो गया।

मानिक से यहां-वहां देखने लगा लेकिन वह साया कहीं नहीं था लड्डू वह मैं क्या सोचता रहता हूं कि चलो अब काम करता हूं मानिक बाहर गया जहां शूटिंग के सामान के सहारे बॉक्सेस रखे हुए थे।

उसने एक बॉक्स खोला और उसमें से किचन का सारा सामान निकाला माणिक अपने काम में मगन हो गया और वह काला साया वापस लौट आया।

जब माणिक में एक और बॉक्स खोला तो उसमें से वह काला साया बाहर निकला अजय सैता आर्थर अशे दाणा इधर से यहां महाबली लगा और वह साया मानिक पीछे पीछे भागने लगा।

मानिक पुरानी हवेली की सीढ़ियां चढ़ने लगा जैसे ही वह ऊपर पहुंचा तो वह साया उसके सामने प्रॉब्लम है कि मानिक वापस नीचे उतरने लगा।

लेकिन वह साया वह भैया युधिष्ठिर चोर लुटेरे घुस आया हुआ तुम्हारी अपनी जान बचाने के लिए हवेली से बाहर की ओर जाने लगा लेकिन हवेली का बड़ा सा दरवाजा बंद हो गया है।

छोड़ दो प्लीज़ मुझे छोड़ दो हां गुस्सा आया उसके पीछे खड़ा होकर हंसने लगा तरफ  मानिक से चिल्लाने लगा दो कि मानिक वापस सीढ़ियों की ओर दौड़ पड़ा इस बार वह ऊपर चढ़ गया और साया उसके पीछा करता रहा।

मानिक बालकनी की ओर दौड़ पड़ा और एक दीवार के पीछे छुप गया और डुबाना कुएं और ऐसी इच्छा करते हैं यह था कि वह उसके पीछे नहीं था।

लेकिन जब उसने सामने तो आओ मैं अपनी जान बचाने के लिए माणिक बालकनी की दीवार पर चढ़ गया और फिर उस साइंस ओर से मानिक अवश्यक हमारा कि माणिक जहां इसे ज़मीन पर गिर गया।

उसके सिर से खून निकल रहा था और वह काला साया अब भी हंस रहा था ना के कुछ घंटों बाद शूटिंग वाले आए और फिर पुलिस पुलिस को लगा कि यह एक्सीडेंट है।

उस दिन पुरानी हवेली लिमिट शूटिंग नहीं हुई अगले कुछ दिनों तक सब कुछ शांत था फिर एक महीने बाद प्रोड्यूसर ने राजा को बुलाया रोजगार हम पुरानी हवेली में शूटिंग करने वाले हैं।

कल सुबह लेकिन असल अपना मानिक वहीं मरुधर उसकी मौत एक हादसा थी अब उसकी मौत से ऐसा तो नहीं कि हम शूटिंग करना ही बंद कर देते हैं जी सर कल सुबह 4:00 बजे पहुंच जाना।

अंजीर वह थोड़ा चिंतित था पर उसने प्रोड्यूसर को कुछ नहीं बोला कि उस रात राजा को नींद नहीं आई वह सोच रहा था कि मणि के साथ क्या हुआ होगा। 

मानिक कैसे मरा होगा का यह उसके सुसाइड कि जब किसी ने उसे मारा लेकिन भला उसका कोई दुश्मन कहा था वह सकता है पढ़ो सर सर सही बोल रहे हो।

उसकी मौत एक हादसा हो हां हाथ ही होगा अगली सुबह बजे से पहले ही पुरानी हवेली पहुंच गया आज भी बिलकुल वैसा ही हो रहा था जैसा उस दिन हुआ था।

पुरानी हवेली पर बिजली कड़क रही थी कि को रेफर गुण यह क्या है यह पुरानी हवेली कम भूतिया हवेली ज्यादा लग रही है कहते राजा ने हवेली में कदम रखा था है।

अचानक शोर से हवा बहने लगी और पलक झपकते ही राजा के सामने वह काला साया खड़ा हो गया गौरव वर्ल्ड जय हिंद सुबह यहां क्या कर रहे हो चाचा साया की तरफ बढ़ ही रहा था कि वह साया गायब हो गया। 

राजा के पीछे खड़ा हो गया गौर तू कहां चला गया कि जब राजा ने पीछे देखा तो उसके पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक गई है एक तु और तो राजा डर गया।

भागने लगा वह हवेली के भीतर गया और एक कमरे में पलंग के नीचे छिप गया राजा डर के मारे कांप रहा था जब उसने अपनी आंखें खुली तो वह साया उसके बगल में भाव तोड़ दूं है कि राजा सीढ़ियों की तरफ भागने लगा पूर्वक को सौंपते हुए दिखिए लाइट बंद चालू होने लगी।

हमारी खोपडियां और जैसे ही राजा ऊपर पहुंचा भूसा या राजा के सामने था सऊदी अदनान सामी को देखते ही राजा की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई और उसका पैर फिसल गया और वह गिरने से नीचे गिर गया।

तूती प्रॉब्लम सोल्व कर छोड़ दो तुम हमको छोड़ दो तुम अभी दे दो ना कि पंकज छोड़ दो राजा बुरी तरह घायल था और माफी की भीख मांगने लगा वह काला साया सीढ़ियों से नीचे उतर राधा राजा ने अपने आप को संभाला और दरवाजे की ओर भागने लगा।

काला साया दरवाजे पर खड़ा होकर हंसने लगा रजुआ उल्टे पांव वापस चलने लगा दो झालावाड़ राजा हवेली के बीचोंबीच खड़ा था और उसके ऊपर लगा हुआ झूमर सोर्स ओर से हिल रहा था और साथ यह झूमर टूट गया।

हां हां सीधे राजा की छाती लिए राजा वह मर गया और फिर शूटिंग वाले और पुलिस वहां पहुंचे इस बार भी पुलिस को लगा कीजिए एक्सीडेंट है।

प्रोड्यूसर्स समझ गया कि यह एक्सीडेंट नहीं फोन है आज के बाद कभी भी हवेली में शूटिंग नहीं करेंगे और फिर पुरानी हवेली को हमेशा हमेशा के लिए बंद कर दिया गया।