पंचतंत्र कहानियां | Panchtantra Stories | Bad Time Stories In Hindi To Read Best Story In Hindi For Kids Like Bhoot Ki Kahani, Jadui Kahai, Bedtime Story.


पंचतंत्र कहानियां | Panchtantra Stories | Bad Time Stories In Hindi
पंचतंत्र कहानियां | Panchtantra Stories | Bad Time Stories In Hindi


सांप और चूहा I Saanp Aur Chooha | Moral Story | Hindi Story | Bedtime Story 


काफी पुरानी बात है एक सपेरे ने एक सांप को पकड़ा और बैंत की टोकरी में कैद कर दिया और तभी एक चूहे को भी पकड़ा ये चूहा मेरे सांप के लिए बढ़िया भोजन है और सांप की ही टोकरी में डाल दिया।  

टोकरी के अंदर सांप जैसे ही चूहे को लपकने लगा चूहा बोल उठा अरे सांप भाई मुझे मत मारो अगर तुम मुझे नहीं मारोगे तो में तुम्हे इस कैद से आज़ाद करा सकता हूँ सांप हैरान था की ये नन्हा सा चूहा उसे कैसे आज़ाद करा सकता है जब में इस कैद से निकलने में कामयाब नहीं हो सका तो तुम मेरी क्या मदद कर सकते हो देखो मुझे बहुत जोर से भूख लगी है।  

फिर तो क्या फायदा मुझे खा कर यूँ भी तुम्हारा पेट भरने वाला नहीं अगर तुम मुझे बख्श दो तो में तुम्हें आज़ादी दिला सकता हूँ फिर जितना दिल चाहे जहाँ दिल चाहे तुम भर पेट खाना खा सकते हो मोटे मोटे चूहे बढ़िया मेंढक छिपकलियां सब तुम्हे खाने को मिल सकती है।  

आगे तुम्हारी मर्जी बात तो इसकी ठीक है इसे भी तो बाद मे में खा ही सकता हूँ ठीक है तो बताओ तुम मेरी कैसे मदद करोगे अगर तुमारी बात ठीक निकली तो में तुम्हे नहीं खाऊंगा शायद   में तुम्हारे पर बैठ कर एक मंत्र का उचारण करूँगा बस तुम्हें अपनी आँखें बंद करनी होंगी।  

बस इतना ही हाँ जब मंत्र पूरे हो जायेंगे में तुम्हे बुलाऊंगा परंतु याद रहे तब तक ना तुम आँखें खोलोगे ही हिलोगे जुलोगे समझे ठीक है जैसे तुमने कहा में वैसा ही करने को तैयार हूँ परंतु बाहर निकल कर मेरी प्रतीक्षा करना सांप ने अपनी आँखें बंद कर ली चूहा सांप के सिर पर चढ़ गया जल्दी जल्दी वह पिटारी को अंदर से कुतरने लगा।  

वहां पर एक बड़ा सा छेद हो गया चूहे ने झट से वहां से छलांग लगाई और रफुचक्कर हो गया और थोड़ी देर बाद सांप ने अपनी आँखें खोली और वह भी छिद्र में से नीचे सरक लिया आज़ादी का भी अपना मज़ा है तो पर अभी तो भूख बहुत सता रही है अरे वो मूर्ख कहां गया शैतान शायद भाग गया है।  

जाएगा कहां अभी ढूंढता हूँ उस नटखट शैतान को और वे चूहे को इधर उधर तलाशने लगा परंतु चूहा तो कहीं खो गया था कुछ दिनों के बाद सांप को चूहों का एक बिल नज़र आया वे समझ गया की जरूर चूहा इसी बिल में होगा और जल्दी ही चूहे की मुंडी उसे वहां नज़र आयी ये धोखेबाज़ यहाँ है।  

अब ये मुझसे बच कर कहाँ जायेगा अरे चूहे तुम मुझे धोखा दे कर कहाँ भाग गए थे अब बाहर आओ क्यों सता रहे हो हम तो पुराने मित्र हैं मित्र और तुम क्या कहते हो कहीं ये मुमकिन है ये तो हम दोनों जानते हैं की हममे मित्रता हो ही नहीं सकती उस दिन तो तुम भी मज़बूर थे।  

मैं भी इसी लिए दोस्ती का सारा नाटक हुआ में तो अपनी जान बचाने के लिए मित्रता का ढोंग कर रहा था दोस्ती हमेशा बराबर वालों में हो सकती है कहाँ तुम इतने बलशाली और कहाँ में इतना कमजोर हम कभी मित्र नहीं हो सकते जाओ बाबा माफ़ करो ऐं ये तो बहुत समझदार है इसे झांसा देना अब मेरे बस की बात नहीं अयं मुझे कहीं और अपना भोजन तलाश करना चाहिए 

शिक्षा : मित्रता हमेशा बराबर वालों के साथ करनी चाहिए

जो हुआ अच्छा हुआ - Panchtantra Ki Kahaniya In Hindi | Panchtantra Ki Kahaniyan | Dadi Maa Ki Kahani | Bedtime Story


जो हुआ अच्छा हुआ कहीं किसी देश के एक राजा का वजीर हमेशा यही कहता रहता था जो हुआ अच्छा हुआ एक दिन जब उसके बेटे की टांग किसी दुर्घटना में चोटिल हो गई तो भी यकायक उसके मुंह से फिर निकला जो हुआ अच्छा हुआ तुम भी क्या बोलते रहते हो ?

इसमें भला क्या अच्छा हुआ ? महाराज आप ही देखिए अब मेरे बेटे को सारी जिंदगी एक ही जूते की जरूरत रहेगी जूतों का सारी जिंदगी के लिए खर्चा आधा हो गया जो हुआ अच्छा हुआ राजा निरुत्तर हो गया परंतु जब एक दिन राजा तलवारबाजी का अभ्यास कर रहा था तो अचानक उसकी एक उंगली कट गई।

उंगली से खून टपटप बहने लगा। हाय ! उसका हाल बेहाल था वह दर्द से छटपटा रहा था कि तभी वहां खड़े वजीर के मुंह से अपने आप निकल गया जो हुआ अच्छा हुआ अब तो राजा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था उसने हुक्म सुनाया इस बेवकूफ वजीर को कारागार में डाल दिया जाए ! और फिर वजीर को कारागार में बंद कर दिया गया।

राजा का दरबार फिर उसी तरह लगने लगा बस कमी थी तो बस उसी वजीर की एक दिन राजा जंगल में शिकार करने के लिए निकला तो रास्ता भटक गया उसे जंगल में ही डाकुओं ने अगवा कर लिया वे डाकू अपने देवता को खुश करने के लिए उसकी बलि देना चाहते थे वे राजा को अपने पुजारी के पास ले गए जब उसकी बलि देने के लिए तलवार उठाई गई तो अचानक किसी की नज़र राजा की कटी हुई उंगली की तरफ आन पड़ी।  

वह बोला सरदार , यह हम क्या कर रहे हैं ? यह मानव संपूर्ण नहीं है इसकी तो एक उंगली कटी हुई है बलि देने के लिए तो पूर्ण व्यक्ति की जरूरत होती है इसलिए राजा को छोड़ दिया गया वह वजीर के पास पहुंचा और वजीर को छोड़ दिया और फिर राजा ने उसे बताया कि उसके साथ क्या घटा था।  

राजा ने वजीर को उसे कारागार में डालने के लिए क्षमा मांगी वजीर बोला मैंने तो आपको कहा ही था जो हुआ अच्छा हुआ जो होता है , अच्छे के लिए ही होता है मेरी बात तो ठीक है परंतु तुम्हारे साथ तो ज्यादती हो गई।

नहीं महाराज अच्छा हुआ आपने मुझे कारागार में डाल दिया यदि आप ऐसा करते तो शिकार के वक्त मैं आपके साथ होता डाकू आपको तो छोड़ देते परंतु मेरी तो बलि चढ़ जाती इसलिए जो हुआ अच्छा हुआ हां , तुम ठीक ही कहते हो।

शिक्षा : जो होता है भले के लिए ही होता है।

एहसान फरामोश - Panchtantra Ki Kahaniya In Hindi | Panchatantra Stories In Hindi | Dadi Maa Ki Kahani | Bedtime Story


अहसान फरामोश एक बहुत घने जंगल में एक महात्मा अपनी कुटिया में रहा करते थे वह हमेशा तपस्या करते रहते थे एक दिन जब वह अपने ध्यान में खोए हुए थे तो उनकी गोद में एक चूहा गिरा जो एक उड़ते हुए कौए की चोंच से छूट गया था।  

महात्मा ने उसे प्यार से उठाया और अपने बच्चे की तरह उसका पालन-पोषण करने लगे परंतु एक दिन एक बिल्ली उस पर झपट पड़ी और चूहा अपनी जान बचा महात्मा की गोद में कूद पड़ा महात्मा ने उसका बचाव करते हुए कहा तो तुम बिल्ली से डरते हो।

क्यों तुम्हें बिल्ली ही बना दूँ जाओ , और बिल्ली बन जाओ वाह ! चूहा तो सचमुच बिल्ली बन गया परंतु बिल्ली भी तो कुत्तों से डरती है | और वही हुआ एक दिन उस पर कुत्ते ने हमला कर दिया और बिल्ली झट से महात्मा के पास गई ओह ! तो अब तुम्हें कुत्ते से डर लगने लगा अच्छा , तो जाओ।

तुम भी कुत्ता बन जाओ कहने की देर थी बिल्ली कुत्ते में परिवर्तित हो गई परंतु क्या कुत्ता निडर हो सकता है ? अब उसे शेर से डर लगने लगा क्यों तुम्हें शेर ही बना दूँ कम से कम फिर तो तुम्हें किसी से डर नहीं लगेगा और फिर सचमुच वह कमजोर चूहा देखते ही देखते एक शक्तिशाली शेर बन गया परंतु महात्मा तो उसे आज भी शायद चूहा ही समझ रहे थे शेर ने सोचा जब तक महात्मा जिंदा रहेगा।

मुझे भी अपना पुराना रूप याद आता रहेगा इसे समाप्त करने में ही मेरी भलाई है रहेगा बांस - बजेगी बांसुरी इससे पहले कि शेर महात्मा पर हमला करे महात्मा ने उसके मन के भाव पढ़ लिए और बोले जाओ ,अहसान फरामोश ! दुबारा चूहा बन जाओ। तुम उसी लायक हो बलशाली शेर फिर दुबारा चूहा बन गया अच्छा तो बताओ बच्चों इससे तुम क्या समझे भोजन देने वाले हाथों को कभी घायल नहीं करना चाहिए।
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Admin,Brajkishor

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